देश के कई राज्यों में जारी कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ाने का फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकारी और कई निजी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कम दृश्यता के कारण छोटे बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। विशेष रूप से प्राथमिक और पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के लिए छुट्टियाँ बढ़ाई गई हैं, जबकि कुछ राज्यों में उच्च कक्षाओं के लिए स्कूल समय में बदलाव किया गया है।
उत्तर भारत के कई हिस्सों — जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार — में शीतलहर का असर तेज़ देखा जा रहा है। लगातार गिरते तापमान और कोहरे की वजह से सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए यह कदम उठाया गया है।
शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, जहां संभव है वहां ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कई स्कूलों ने व्हाट्सऐप ग्रुप, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और रिकॉर्डेड वीडियो के ज़रिए छात्रों को होमवर्क और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करानी शुरू कर दी है।
अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि अत्यधिक ठंड के मौसम में बच्चों को घर पर सुरक्षित रखना ही बेहतर विकल्प है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस मौसम में बच्चों को ठंड, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे भी छुट्टियाँ बढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को नियमित रूप से सरकारी दिशा-निर्देश और मौसम अपडेट पर नज़र रखने की सलाह दी गई है।













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