देशभर में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा नई और व्यापक पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश के विकास में बराबर की भागीदारी निभा सकें।
इस योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प, कृषि आधारित उद्योग, सिलाई-कढ़ाई और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कार्यों से जुड़ सकें। महिलाओं को आसान ऋण, बाज़ार से जोड़ने की सुविधा और डिजिटल भुगतान प्रणाली की जानकारी भी दी जा रही है।
इसके साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को कंप्यूटर, डिजिटल मार्केटिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थकेयर और टेक्निकल स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करेगी।
सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए पोषण कार्यक्रम, मुफ्त स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह पहल ज़मीनी स्तर तक पहुंच रही है। महिलाओं का कहना है कि इन योजनाओं से उन्हें अपनी पहचान बनाने और परिवार के साथ-साथ समाज में सम्मानजनक स्थान पाने में मदद मिल रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे तो आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।













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