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“भारत का बड़ा एक्शन: सलाल प्रोजेक्ट से सिल्ट हटाने के कड़े निर्देश।”

5 जनवरी 2026 को भारत और पाकिस्तान के बीच जल साझाकरण को लेकर चल रहे तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में स्थित सलाल पावर स्टेशन (Salal Power Station) को लेकर नई रणनीतिक योजना बनाई है।

प्रमुख घटनाक्रम और फैसले:

  1. सलाल प्रोजेक्ट में डी-सिल्टिंग (De-silting) के निर्देश:
    केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चिनाब नदी पर स्थित 690 मेगावाट के सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सिल्ट (मिट्टी और गाद) हटाने के निर्देश दिए हैं। पिछले कई वर्षों से गाद जमा होने के कारण इस प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही थी। अब भारत अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने की तैयारी में है। 
  2. रणनीतिक महत्व:
    सलाल प्रोजेक्ट रियासी जिले में स्थित है और यह जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों का कहना है कि डी-सिल्टिंग से न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि कृषि सिंचाई में भी मदद मिलेगी।
  3. किशनगंगा और रतले प्रोजेक्ट पर अपडेट:
    सलाल के साथ-साथ, किशनगंगा और रतले पावर प्रोजेक्ट्स पर भी काम तेज कर दिया गया है। भारत इन प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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