नए साल के जश्न से ठीक पहले घना कोहरा और बढ़ता वायु प्रदूषण उत्तर भारत के कई हिस्सों में गंभीर चिंता का विषय बन गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई क्षेत्रों में सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की जा रही है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी हवाओं की कमी और नमी बढ़ने के कारण कोहरे की स्थिति और गंभीर हो गई है। इसके साथ ही प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक बने रहने से Air Quality Index (AQI) कई शहरों में ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है।
यातायात पर असर
घने कोहरे के कारण कई उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की स्थिति बनी हुई है। वहीं, ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। सड़कों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
प्रदूषण और कोहरे के संयुक्त प्रभाव से बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष परेशानी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में दमा, एलर्जी, आंखों में जलन और गले में संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने मास्क पहनने, गर्म कपड़े उपयोग करने और सुबह की सैर से परहेज करने की सलाह दी है।
नए साल के आयोजनों पर प्रभाव
नए साल की पूर्व संध्या पर होने वाले खुले आयोजनों, पर्यटन गतिविधियों और आउटडोर सेलिब्रेशन पर भी इसका असर पड़ सकता है। कई शहरों में प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और प्रदूषण रोकथाम को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
- अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें
- कूड़ा-कचरा और पराली न जलाएं
- बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर सुरक्षित रखें













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