देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ रही ठंड और बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और फ्लू के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है। सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक ठंड, प्रदूषण और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण बच्चों और बुज़ुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। खासकर सुबह-शाम के समय ठंडी हवा और कोहरे के संपर्क में आने से श्वसन संबंधी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि
गर्म कपड़े पहनें और ठंड से बचाव करें
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें
संतुलित आहार और पर्याप्त पानी लें
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई गई है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कई राज्यों में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग समय रहते सावधानी बरतें, तो संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि ठंड का असर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है।













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