देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस साल की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक से लैस बनाने के लिए ‘स्मार्ट रजिस्ट्रेशन’ प्रणाली लागू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को रियल-टाइम अपडेट प्रदान करना है।
1. ‘स्मार्ट रजिस्ट्रेशन’: अब बिना इंतज़ार के होंगे दर्शन
सरकार ने घोषणा की है कि इस बार केवल ऑनलाइन पंजीकरण ही मान्य होगा, जिसे ‘स्मार्ट’ फीचर्स के साथ जोड़ा गया है।
- QR कोड आधारित एंट्री: प्रत्येक यात्री को एक यूनिक QR कोड जारी किया जाएगा, जिसे धामों के प्रवेश द्वारों पर स्कैन किया जाएगा।
- स्लॉट मैनेजमेंट: भीड़ को रोकने के लिए दर्शन के लिए विशेष समय (Time Slot) आवंटित किया जाएगा।
- पंजीकरण के माध्यम: श्रद्धालु Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप, आधिकारिक वेबसाइट (registrationandtouristcare.uk.gov.in) या व्हाट्सऐप नंबर (8394833833) पर ‘Yatra’ लिखकर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
2. केदारनाथ-बद्रीनाथ में ‘मास्टर प्लान’ का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं।
- बद्रीनाथ स्मार्ट सिटी: ₹481 करोड़ की लागत से बद्रीनाथ को ‘स्मार्ट स्पिरिचुअल सिटी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां रिवरफ्रंट का विकास, चौड़ी सड़कें और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए आधुनिक प्लाजा बनाए जा रहे हैं।
- केदारनाथ का नया स्वरूप: केदारनाथ में मंदिर परिसर के विस्तार और मंदाकिनी-सरस्वती नदियों के तट पर सुरक्षा दीवारों का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को अब मंदिर का भव्य दृश्य दूर से ही दिखाई देगा।
3. यात्रा 2026 की संभावित तिथियां
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत अप्रैल के महीने में होने की संभावना है:
- यमुनोत्री व गंगोत्री: 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
- केदारनाथ: 22 अप्रैल (संभावित)
- बद्रीनाथ: 24 अप्रैल (संभावित)
महत्वपूर्ण नोट: सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को ऋषिकेश से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारी भीड़ को देखते हुए













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