Advertisement

भारत में नए साल 2026 पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पूजा-आरती और गंगा स्नान से गूंजे पवित्र स्थल

भूमिका

नया साल 2026 भारत में केवल उत्सव और जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आस्था, श्रद्धा और अध्यात्म के साथ शुरू हुआ। 1 जनवरी 2026 की सुबह देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, मंदिरों और तीर्थ क्षेत्रों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने नए साल की शुरुआत पूजन-अर्चना, आरती, प्रार्थना और पवित्र स्नान के साथ की और ईश्वर से शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


प्रयागराज में गंगा स्नान और भव्य आरती

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नए साल की पहली सुबह त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

प्रमुख झलकियाँ:

  • तड़के सुबह से ही गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान
  • मंत्रोच्चार और शंखनाद के साथ विशेष पूजा
  • गंगा आरती में भक्तों की भारी उपस्थिति
  • साधु-संतों और अखाड़ों की मौजूदगी

श्रद्धालुओं का मानना है कि नववर्ष के दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है और पूरा वर्ष शुभ रहता है।


काशी में गूंजा “हर हर महादेव”

वाराणसी (काशी) में नया साल पूरी तरह शिवमय वातावरण में शुरू हुआ।

काशी विश्वनाथ धाम में:

  • मंगला आरती से ही भक्तों की लंबी कतारें
  • देश-विदेश से आए श्रद्धालु
  • गंगा घाटों पर दीपदान और आरती
  • घाटों पर आध्यात्मिक वातावरण

काशी में नए साल पर आस्था और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिला।


अयोध्या: राम नगरी में भक्ति का सैलाब

अयोध्या में नववर्ष 2026 पर राम भक्तों की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली।

मुख्य आकर्षण:

  • श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र में विशेष पूजा
  • सरयू नदी में पवित्र स्नान
  • भजन-कीर्तन और राम नाम संकीर्तन
  • श्रद्धालुओं में खास उत्साह

लोगों ने नए साल की शुरुआत भगवान श्रीराम के दर्शन से की।


वृंदावन और मथुरा में कृष्ण भक्ति

वृंदावन और मथुरा में नववर्ष का स्वागत श्रीकृष्ण भक्ति और रासलीला के वातावरण में हुआ।

विशेष आयोजन:

  • बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भीड़
  • यमुना आरती
  • भजन-कीर्तन और सत्संग
  • विदेशी भक्तों की भी बड़ी संख्या

यहाँ नया साल भक्ति और प्रेम के संदेश के साथ मनाया गया।


हरिद्वार में हर की पौड़ी पर आस्था की डुबकी

उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी पर:

  • ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान
  • गंगा आरती का भव्य आयोजन
  • संतों के प्रवचन
  • देशभर से आए श्रद्धालु

हरिद्वार में नया साल धार्मिक अनुशासन और श्रद्धा के साथ मनाया गया।


अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका

पंजाब के अमृतसर में:

  • स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें
  • गुरुबाणी और कीर्तन
  • लंगर सेवा में भागीदारी

लोगों ने वाहेगुरु से शांति और भाईचारे की प्रार्थना की।


अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी भक्तों की भीड़

नए साल 2026 पर:

  • वैष्णो देवी
  • तिरुपति बालाजी
  • सोमनाथ
  • द्वारका
  • शिर्डी

जैसे तीर्थस्थलों पर भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा।


नए साल पर आस्था की ओर बढ़ता भारत

2026 के नववर्ष ने यह दिखा दिया कि:

  • लोग नाइट पार्टी की बजाय धार्मिक स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं
  • युवा वर्ग भी आस्था से जुड़ रहा है
  • धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हो रही है

यह बदलाव भारतीय संस्कृति और मूल्यों की मजबूती को दर्शाता है।


भक्तों की भावना

श्रद्धालुओं का कहना है:

“नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करने पर मन को शांति मिलती है और पूरा साल सकारात्मक रहता है।”


निष्कर्ष

नया साल 2026 भारत में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ शुरू हुआ।
देशभर के मंदिरों, गुरुद्वारों और तीर्थस्थलों पर उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि भारत की आत्मा आज भी धर्म, आस्था और संस्कृति में बसती है।

लोगों ने नए साल का स्वागत:

  • शांति
  • स्वास्थ्य
  • समृद्धि
  • और खुशहाली

की कामना के साथ किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *