31 दिसंबर
देश के कई हिस्सों में मौसम के अचानक बदलते मिज़ाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कहीं असमय बारिश तो कहीं लंबे समय तक ठंड और कोहरे के कारण फसलों पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो रबी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
🔹 रबी फसलों पर मंडरा रहा खतरा
उत्तर भारत के राज्यों में गेहूं, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों पर मौसम परिवर्तन का असर दिखने लगा है। लगातार कोहरा और कम धूप के कारण फसल की वृद्धि धीमी हो रही है, जिससे उत्पादन घटने की संभावना है।
🔹 असमय बारिश से नुकसान की आशंका
कुछ क्षेत्रों में असमय बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन रही है। इससे फसल की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और कीट व रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है।
🔹 तापमान में उतार-चढ़ाव बना समस्या
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव फसलों की प्राकृतिक वृद्धि प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इससे अनाज की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर असर पड़ सकता है।
🔹 किसान आर्थिक दबाव में
पहले से बढ़ती लागत और अब मौसम की अनिश्चितता के कारण किसान आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। कई किसान सरकार से राहत और मार्गदर्शन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
🔹 कृषि विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और फसल संरक्षण उपाय अपनाने की सलाह दी है। साथ ही, फसल बीमा योजना से जुड़े किसानों को समय पर दावा प्रक्रिया समझने को कहा गया है।
🔹 सरकार से सहयोग की उम्मीद
किसानों का कहना है कि बदलते मौसम को देखते हुए सरकार को सलाह केंद्र, मुआवजा व्यवस्था और तकनीकी सहायता बढ़ानी चाहिए ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
मौसम में हो रहे बदलाव खेती के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं, और इससे निपटने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।













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