आज 24 दिसंबर 2025 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की विघ्नेश्वर चतुर्थी तिथि है। सनातन धर्म में यह दिन भगवान श्रीगणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार इस दिन विशेष ग्रह-नक्षत्र योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ संकेत देते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा गया है, यानी वे भक्तों के जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करते हैं। इसी कारण किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश पूजन किया जाता है। विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन की गई पूजा विशेष रूप से कार्य में सफलता, बुद्धि-विवेक और आर्थिक समृद्धि प्रदान करती है।
पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि इस तिथि पर भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करने से रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और जीवन में आ रही परेशानियाँ धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। माना जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से गणपति बप्पा की आराधना करता है, उस पर उनकी विशेष कृपा बनी रहती है।
विघ्नेश्वर चतुर्थी का धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का प्रिय दिन माना गया है। विशेष रूप से पौष मास की विघ्नेश्वर चतुर्थी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह वर्ष के अंतिम दिनों में आती है और नए वर्ष से पहले नकारात्मकता के नाश का प्रतीक मानी जाती है।
धार्मिक अनुयायियों का विश्वास है कि इस दिन तुलसी और गणेश पूजन करने से घर और मंदिर दोनों स्थानों पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, वहीं गणेश बुद्धि और समृद्धि के देवता हैं, इसलिए दोनों की पूजा से जीवन में संतुलन और सुख-शांति बनी रहती है।
पूजा विधि और शुभ फल
विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए। उन्हें दूर्वा, मोदक, लड्डू और पुष्प अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएँ शीघ्र पूर्ण होती हैं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार इस दिन व्रत रखने से मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और करियर में उन्नति प्राप्त होती है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष माना जाता है, क्योंकि गणेश जी को विद्या और बुद्धि का दाता माना गया है।
आज के समय में विघ्नेश्वर चतुर्थी का संदेश
आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में विघ्नेश्वर चतुर्थी हमें धैर्य, संयम और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश देती है। यह पर्व सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को भी दूर किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, विघ्नेश्वर चतुर्थी केवल एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की गहराई, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा कर भक्त अपने जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं।













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