देशभर में सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं को लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते हमलों को लेकर संत समाज ने गंभीर चिंता जताई है। संतों और धर्माचार्यों का कहना है कि सोशल मीडिया, AI-generated कंटेंट, फेक वीडियो, तस्वीरों और आपत्तिजनक पोस्ट्स के ज़रिए सनातन परंपरा को बदनाम करने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं।
संत समाज ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग कर धार्मिक प्रतीकों, ग्रंथों और आस्थाओं को निशाना बना रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम, तनाव और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच रही है। उन्होंने इसे केवल आस्था पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर सीधा प्रहार बताया।
इस मुद्दे पर कई प्रमुख संतों ने एक स्वर में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर धर्म का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की कि ऐसे कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई, सख्त डिजिटल कानून और दोषियों के खिलाफ कड़ी सज़ा सुनिश्चित की जाए।
संत समाज ने युवाओं से भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक और अपमानजनक सामग्री से सतर्क रहें, बिना सत्य जाने किसी पोस्ट को साझा न करें और अपनी संस्कृति व परंपराओं की रक्षा के लिए जागरूक बनें।













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